Tuesday, June 1, 2010

रमौलवाली में प्रतिभा सिंह ने गाया, अभिनय भी करेंगी


पटनाः (1 जून) नया सवेरा इंटरटेनमेंट की भोजपुरी फ़िल्म 'रमौलवाली' के लिए दो गीतों का गायन आज मंगलवार 1 जून को प्रतिभा सिंह ने किया। गीतों की रिकार्रिंग यहां के fप्रयम् डिजिटल साउंड स्टूडियो में हुई। फिल्म के संगीतकार सन्नी हैं। इस अवसर पर प्रतिभा सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि फिल्म में उनके अलावा विनोद राठौड़, सर्वजीत सिंह, सावन सांवरे और अमर आनंद गा रहे हैं। गीतकार बीएन पटेल और मिथिलेश सुमन हैं। फिल्म के निर्देशक हैं संजीव टोनी। संजीव टोनी ने इसके पहले हिन्दी फिल्म रस्मों की जंजीर और भोजपुरी फिल्में बलमा बेदर्दी, लाल चुनरिया वाली आदि का निर्देशन किया है।
मूलतः बलिया की प्रतिभा सिंह फिलहाल कोलकाता में रहती हैं। गायन के स्टेज शो के लिए चर्चित प्रतिभा फिल्मों में अभिनय भी कर रही हैं। भाई होखे त भरत नियन, बहिना तोहरे खातिर आदि फिल्में उनके खाते में है। कुछ फिल्मों के लिए उन्होंने पार्श्व गायन भी किया है। उन्हें गायन के लिए प्रतिष्ठित भिखारी ठाकुर सम्मान व आकांक्षा संस्कृति सम्मान आदि मिले हैं। उन्होंने बताया कि इस फिल्म में भी वे अभिनय कर रही हैं जिसमें विजय खरे, ललितेश झा आदि अभिनय कर रहे हैं। फिल्म के नायक-नायिका नेपाल के हैं और फिल्म की शूटिंग भी नेपाल के जनकपुर में होगी, जो जुलाई में शुरू होगी।

Sunday, April 4, 2010

सम्मानित की गयीं भोजपुरी संगीत की विभूतियां





चैता का देर रात तक लुत्फ लेते रहे हजारों रसिक
हावड़ा: मानस परिवार सेवा समिति की ओर से भोजपुरी लोक-संगीत चैता का भव्य आयोजन 3 अप्रैल की रात नौ बजे से आरआर रोलिंग मिल परिसर, 96 धरमूतल्ला रोड, सलकिया में शुरू हुआ जो देर रात तक चला। इसमें भोजपुरी संगीत के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धियों के लिए भरत शर्मा, गायत्री ठाकुर, प्रतिभा सिंह एवं वीरेन्द्र सिंह धुरान को सम्मानित किया गया। सम्मान प्रदान करने वालों और इस अवसर पर सम्बोधित करने वालों में शिवजी तिवारी, शशिधर सिंह, राजकिशोर तिवारी, राजा बाबू सिंह, वीरेन्द्र शर्मा, मामा सिंह, जलेश्वर सिंह आदि प्रमुख थे।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिभा सिंह के गायन से हुई। उन्होंने चैती "सगरी चइत बीत गइले हो रामा, पिया नाहीं अइले" गाकर अच्छा समां बांधा। इस माहौल को आगे बढ़ाया गायत्री ठाकुर ने। लगभग दो दर्जन झाल, ढोलक , हारिमोनियम आदि पर उन्होंने पारम्परिक चईता गाया-"पहिले सुमिरों सुरसति मतवा हे रामा, एही ठइयां। आजु चईत हम गाइब हे रामा, एही ठइयां।"
भरत शर्मा ने इस अवसर पर भोजपुरी भाषा को अश्लीलता से बचाने का भी आह्वान किया, इस भाव को प्रकट करने वाला एक गीत भी उन्होंने सुनाया- "गीत भोजपुरी से अश्लील हटावल जाई, त केतना नीमन होई। भिखारी ठाकुर के गितिया अगर गावल जाई, त केतना नीमन होई।"

Monday, March 29, 2010

भिखारी ठाकुर सम्मान समारोह की तस्वीर

आरा में 27 मार्च 2010 को भिखारी ठाकुर सम्मान समारोह में भिखारी ठाकुर सम्मान प्राप्त करने के बाद गीत गातीं भोजपुरी गायिका व अभिनेत्री प्रतिभा सिंह

भिखारी ठाकुर सम्मान समारोह की तस्वीर

आरा में 27 मार्च 2010 को भिखारी ठाकुर सम्मान समारोह में भोजपुरी गायिका व अभिनेत्री प्रतिभा सिंह को भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान की ओर से भिखारी ठाकुर सम्मान प्रदान किये जाने के अवसर पर सम्बोधित करते संस्थान के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह

भिखारी ठाकुर सम्मान समारोह की तस्वीर

आरा में 27 मार्च 2010 को भिखारी ठाकुर सम्मान समारोह में आरा की सांसद मीना सिंह भोजपुरी गायिका व अभिनेत्री प्रतिभा सिंह को शाल, प्रमाण पत्र, स्मृति चिह्न व पुरस्कार राशि आदि प्रदान कर सम्मानित करती हुईं

Saturday, March 27, 2010

प्रतिभा सिंह को दिया गया भिखारी ठाकुर सम्मान


आराः भोजपुरी की विख्यात गायिका और अभिनेत्री प्रतिभा सिंह को भिखारी ठाकुर सम्मान-2010 प्रदान किया गया। 27 मार्च की देश शाम प्रारम्भ हुए इस समारोह में आरा की जदयू की सांसद मीना सिंह ने उन्हें यह सम्मान राशि, मानपत्र, स्मृति-फलक एवं शाल प्रदान किया। यह भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान, भोजपुर, आरा द्वारा एक भव्य लोक-संगीत समारोह में प्रदान किया गया है। इस अवसर पर मीना सिंह ने कहा कि प्रतिभा सिंह ने अपने गायन से भोजपुरी के लोकरंग को बचाये रखा है। वे लोकप्रियता पाने के लिए अश्लीलता की बैसाखियों का सहारा नहीं लेतीं। वे हमारी पुरातन लोक धुनों को भी बखूबी गाती हैं और आधुनिक गीतों से भी आज के युवाओं की रुचि को संस्कारित कर रही हैं। लोक और आधुनिकता को संगम उनके यहां मिलेगा। वे फिल्मों में भी काम कर रही हैं और उसमें वे कामयाब हों हमारी यह शुभकामना है।
उन्होंने कहा कि भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान भोजपुरी लोक-कला और संस्कृति को संरक्षण देने में लगे इस संस्थान का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने इस अवसर पर संस्थान के पास की सड़क को उन्नत करने के लिए तीन लाख रुपये के सरकारी अनुदान की घोषणा की।
संस्थान के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह ने बताया कि कलाकारों, पत्रकारों और साहित्यकारों के सहयोग से यह संस्थान बिना किसी सरकारी सहायता के वर्ष 2002 से वर्ष में चार कार्यक्रम करता आ रहा है। उन्होंने प्रतिभा सिंह का परिचय देते हुए कहा कि पिछले एक दशक से भोजपुरी गायकी में अपने गायन से अपना विशिष्ट स्थान बना पाने में कामयाब रही हैं। उनके एक दर्जन से अधिक कैसेट व सीडी जारी हुए हैं। उन्होंने अभिनय व पार्श्व गायन की दुनिया में कदम रखा है और 'भाई होखे त भरत नियन', 'बहिना तोहरे खातिर' आदि फिल्मों में अभिनय काम किया है। कुछ और फिल्मों में वे गायन और अभिनय कर रही हैं जिनमें 'आई हो दादा' और 'माटी मांगे खून' प्रमुख हैं। वे बलिया जिले के रोहुआं-तिवारी गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने शास्त्रीय संगीत की भी विधिवत तालीम ली है। देश भर में सैकड़ों स्टेज शो करने वाली प्रतिभा को इसके पहले आकांक्षा संस्कृति सम्मान मिला है। उनके कार्यक्रम व इंटरव्यू ईटीवी, महुआ, ताजा़ टीवी, अहिंसा, दूरदर्शन आदि पर भी आते रहे हैं। पोलिया से बचाव के अभियान के यूनिसेफ और पश्चिम बंगाल सरकार साझा जागरुकता अभियान में उनके गीतों का कैसेट भोजपुरी में जारी हुआ था जो अब भी हिन्दी उर्दू भाषी बहुल क्षेत्रों में पोलियो बूथों पर बजाया जाता है। इधर रेडियो पर मलेरिया से सावधान करने वाले जिंगल में भी उनकी आवाज सुनायी देती है।
संस्थान की ओर से कमलेश पाण्डेय, डॉ.एसके विष्णु, डॉ.केबी सिंह ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर प्रतिभा सिंह ने कहा कि भोजपुरी संगीत बेजोड़ है। हमारे पास हर संस्कार के गीत हैं जो यह बताता है कि हम कितने संगीतमय हैं। हमें विलुप्त होते अपने संस्कार गीतों को बचाना है और उसके लिए जरूरी है कि लोक कलाकारों को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया जाये कि वे अपने जीवन में संगीत को बचाये रखें। हमें अपने लोकसंगीत की शक्ति को पहचानना होगा वरना वह आधुनिकता की अंधी दौड़ में कहीं खो जायेगा या फिर अपनी मौलिकता खो देगा। इस अवसर पर उन्होंने अपने कुछ गीत भी सुनाये। उसके बाद रात भर चले चैता के कार्यक्रम में आसपास के गावों से आये लोक-कलाकारों को सात गोल ने अपने कार्यक्रम प्रस्तुत किये जिनमें रामाज्ञा राम विशेष तौर पर शामिल थे जो बिहारी ठाकुर की मंडली में थे।

Tuesday, March 23, 2010

प्रतिभा सिंह को भिखारी ठाकुर सम्मान 27 मार्च को आरा में

कोलकाताः भोजपुरी की विख्यात गायिका और अभिनेत्री सिंह को भिखारी ठाकुर सम्मान-2010 प्रदान किया जायेगा। यह भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान, भोजपुर, आरा द्वारा प्रदान किया जाता है। संस्थान के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यह सम्मान 27 मार्च की शाम आरा में आयोजित एक भव्य संगीत समारोह में प्रदान किया जायेगा।

प्रतिभा सिंह पिछले एक दशक से भोजपुरी गायकी में अपने गायन से अपना विशिष्ट स्थान बना पाने में कामयाब रही हैं। उनके एक दर्जन से अधिक कैसेट व सीडी जारी हुए हैं जिन्हें एचएमवी-सारेगामा, प्राइम, न्यू विक्टोरिया और स्काइ ने जारी किया है। हाल ही में उन्होंने अभिनय व पार्श्व गायन की दुनिया में कदम रखा है और 'भाई होखे त भरत नियन', 'बहिना तोहरे खातिर' आदि फिल्मों में काम किया है। कुछ और फिल्मों में वे गायन और अभिनय कर रही हैं जिनमें 'आई हो दादा' और 'माटी मांगे खून' प्रमुख हैं।
प्रतिभा बलिया जिले के रोहुआं-तिवारी गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने शास्त्रीय संगीत की भी विधिवत तालीम ली है। देश भर में सैकड़ों स्टेज शो करने वाली प्रतिभा को इसके पहले आकांक्षा संस्कृति सम्मान मिला है। उनके कार्यक्रम व इंटरव्यू ईटीवी, महुआ, ताजा़ टीवी, अहिंसा, दूरदर्शन आदि पर भी आते रहे हैं।