Monday, March 29, 2010

भिखारी ठाकुर सम्मान समारोह की तस्वीर

आरा में 27 मार्च 2010 को भिखारी ठाकुर सम्मान समारोह में भिखारी ठाकुर सम्मान प्राप्त करने के बाद गीत गातीं भोजपुरी गायिका व अभिनेत्री प्रतिभा सिंह

भिखारी ठाकुर सम्मान समारोह की तस्वीर

आरा में 27 मार्च 2010 को भिखारी ठाकुर सम्मान समारोह में भोजपुरी गायिका व अभिनेत्री प्रतिभा सिंह को भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान की ओर से भिखारी ठाकुर सम्मान प्रदान किये जाने के अवसर पर सम्बोधित करते संस्थान के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह

भिखारी ठाकुर सम्मान समारोह की तस्वीर

आरा में 27 मार्च 2010 को भिखारी ठाकुर सम्मान समारोह में आरा की सांसद मीना सिंह भोजपुरी गायिका व अभिनेत्री प्रतिभा सिंह को शाल, प्रमाण पत्र, स्मृति चिह्न व पुरस्कार राशि आदि प्रदान कर सम्मानित करती हुईं

Saturday, March 27, 2010

प्रतिभा सिंह को दिया गया भिखारी ठाकुर सम्मान


आराः भोजपुरी की विख्यात गायिका और अभिनेत्री प्रतिभा सिंह को भिखारी ठाकुर सम्मान-2010 प्रदान किया गया। 27 मार्च की देश शाम प्रारम्भ हुए इस समारोह में आरा की जदयू की सांसद मीना सिंह ने उन्हें यह सम्मान राशि, मानपत्र, स्मृति-फलक एवं शाल प्रदान किया। यह भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान, भोजपुर, आरा द्वारा एक भव्य लोक-संगीत समारोह में प्रदान किया गया है। इस अवसर पर मीना सिंह ने कहा कि प्रतिभा सिंह ने अपने गायन से भोजपुरी के लोकरंग को बचाये रखा है। वे लोकप्रियता पाने के लिए अश्लीलता की बैसाखियों का सहारा नहीं लेतीं। वे हमारी पुरातन लोक धुनों को भी बखूबी गाती हैं और आधुनिक गीतों से भी आज के युवाओं की रुचि को संस्कारित कर रही हैं। लोक और आधुनिकता को संगम उनके यहां मिलेगा। वे फिल्मों में भी काम कर रही हैं और उसमें वे कामयाब हों हमारी यह शुभकामना है।
उन्होंने कहा कि भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान भोजपुरी लोक-कला और संस्कृति को संरक्षण देने में लगे इस संस्थान का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने इस अवसर पर संस्थान के पास की सड़क को उन्नत करने के लिए तीन लाख रुपये के सरकारी अनुदान की घोषणा की।
संस्थान के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह ने बताया कि कलाकारों, पत्रकारों और साहित्यकारों के सहयोग से यह संस्थान बिना किसी सरकारी सहायता के वर्ष 2002 से वर्ष में चार कार्यक्रम करता आ रहा है। उन्होंने प्रतिभा सिंह का परिचय देते हुए कहा कि पिछले एक दशक से भोजपुरी गायकी में अपने गायन से अपना विशिष्ट स्थान बना पाने में कामयाब रही हैं। उनके एक दर्जन से अधिक कैसेट व सीडी जारी हुए हैं। उन्होंने अभिनय व पार्श्व गायन की दुनिया में कदम रखा है और 'भाई होखे त भरत नियन', 'बहिना तोहरे खातिर' आदि फिल्मों में अभिनय काम किया है। कुछ और फिल्मों में वे गायन और अभिनय कर रही हैं जिनमें 'आई हो दादा' और 'माटी मांगे खून' प्रमुख हैं। वे बलिया जिले के रोहुआं-तिवारी गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने शास्त्रीय संगीत की भी विधिवत तालीम ली है। देश भर में सैकड़ों स्टेज शो करने वाली प्रतिभा को इसके पहले आकांक्षा संस्कृति सम्मान मिला है। उनके कार्यक्रम व इंटरव्यू ईटीवी, महुआ, ताजा़ टीवी, अहिंसा, दूरदर्शन आदि पर भी आते रहे हैं। पोलिया से बचाव के अभियान के यूनिसेफ और पश्चिम बंगाल सरकार साझा जागरुकता अभियान में उनके गीतों का कैसेट भोजपुरी में जारी हुआ था जो अब भी हिन्दी उर्दू भाषी बहुल क्षेत्रों में पोलियो बूथों पर बजाया जाता है। इधर रेडियो पर मलेरिया से सावधान करने वाले जिंगल में भी उनकी आवाज सुनायी देती है।
संस्थान की ओर से कमलेश पाण्डेय, डॉ.एसके विष्णु, डॉ.केबी सिंह ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर प्रतिभा सिंह ने कहा कि भोजपुरी संगीत बेजोड़ है। हमारे पास हर संस्कार के गीत हैं जो यह बताता है कि हम कितने संगीतमय हैं। हमें विलुप्त होते अपने संस्कार गीतों को बचाना है और उसके लिए जरूरी है कि लोक कलाकारों को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया जाये कि वे अपने जीवन में संगीत को बचाये रखें। हमें अपने लोकसंगीत की शक्ति को पहचानना होगा वरना वह आधुनिकता की अंधी दौड़ में कहीं खो जायेगा या फिर अपनी मौलिकता खो देगा। इस अवसर पर उन्होंने अपने कुछ गीत भी सुनाये। उसके बाद रात भर चले चैता के कार्यक्रम में आसपास के गावों से आये लोक-कलाकारों को सात गोल ने अपने कार्यक्रम प्रस्तुत किये जिनमें रामाज्ञा राम विशेष तौर पर शामिल थे जो बिहारी ठाकुर की मंडली में थे।

Tuesday, March 23, 2010

प्रतिभा सिंह को भिखारी ठाकुर सम्मान 27 मार्च को आरा में

कोलकाताः भोजपुरी की विख्यात गायिका और अभिनेत्री सिंह को भिखारी ठाकुर सम्मान-2010 प्रदान किया जायेगा। यह भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान, भोजपुर, आरा द्वारा प्रदान किया जाता है। संस्थान के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यह सम्मान 27 मार्च की शाम आरा में आयोजित एक भव्य संगीत समारोह में प्रदान किया जायेगा।

प्रतिभा सिंह पिछले एक दशक से भोजपुरी गायकी में अपने गायन से अपना विशिष्ट स्थान बना पाने में कामयाब रही हैं। उनके एक दर्जन से अधिक कैसेट व सीडी जारी हुए हैं जिन्हें एचएमवी-सारेगामा, प्राइम, न्यू विक्टोरिया और स्काइ ने जारी किया है। हाल ही में उन्होंने अभिनय व पार्श्व गायन की दुनिया में कदम रखा है और 'भाई होखे त भरत नियन', 'बहिना तोहरे खातिर' आदि फिल्मों में काम किया है। कुछ और फिल्मों में वे गायन और अभिनय कर रही हैं जिनमें 'आई हो दादा' और 'माटी मांगे खून' प्रमुख हैं।
प्रतिभा बलिया जिले के रोहुआं-तिवारी गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने शास्त्रीय संगीत की भी विधिवत तालीम ली है। देश भर में सैकड़ों स्टेज शो करने वाली प्रतिभा को इसके पहले आकांक्षा संस्कृति सम्मान मिला है। उनके कार्यक्रम व इंटरव्यू ईटीवी, महुआ, ताजा़ टीवी, अहिंसा, दूरदर्शन आदि पर भी आते रहे हैं।

Monday, January 11, 2010

एलबम-मेहरारू ना पईब


कोलकाताः सुपरिचित गायिका प्रतिभा सिंह का नया भोजपुरी एलबम स्काइ म्जूज़िक कंपनी ने जारी किया है। एलबम का नाम है 'मेहरारू ना पईब'। इसमें प्रतिभा सिंह न सिर्फ़ अपनी गायकी का हुनर दिखा रही हैं बल्क़ि इसमें उन्होंने अभिनय भी किया है। इसके पहले वे दो भोजपुरी फ़िल्मों अभिषेक चड्ढा निर्देशित 'भाई होखे त भरत नियन' और संजीव टोनी निर्देशित 'बहिना तोहरे ख़ातिर' में अभिनय कर चुकी हैं। इसके पहले प्रतिभा के दर्ज़न भर से अधिक कैसेट सीडी आ चुके हैं। इस एलबम में उन्होंने हर वर्ग के संगीत रसिकों का ध्यान रखा है। इसमें सामाजिक संदेश के साथ साथ मनोरंजन का भरपूर मसाला भी है। इसमें दो-दो आइटम सांग हैं जिन्हें सुनकर लोग अपने को थिरकने से रोक नहीं पायेंगे। इन गीतों को लिखा है उमेश छैला, डॉ.अभिज्ञात, शशिधर सिंह और बूटन हबारी ने। संगीत दिया है दो दशकों में संगीत जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके नगेन्द्र चौधरी ने। निर्देशन अशोक जयसवाल का है। कोरियोग्राफ़ी पायल मिश्रा और सिनेमेट्रोग्राफ़ी आशुतोष मिश्रा की है।

वीडीओ सीडी-मेहरारू ना पईब

कम्पनी-स्काइ

मूल्य-30 रुपये

Saturday, December 19, 2009

मनोज तिवारी ने रातभर बहायी संगीत की सरिता

Dec 18, 09:55 pm
बक्सर किला मैदान में गुरुवार को रात आयोजित व्याघ्रसर महोत्सव का दूसरा सत्र मनोज तिवारी के नाम रहा। आधी रात को जैसे ही भोजपुरी के अमिताभ बच्चन कहे जाने वाले मनोज तिवारी ने मंच संभाला पास बह रही गंगा की लहरें भी हिलोरे मारने लगी। संगीत की माला से एक-एक कर मोती श्री तिवारी दर्शकों की नजर करते रहे और पूरा माहौल उनके एक-एक इशारे पर नाचते रहा। हालांकि भोजपुरी सुपर स्टार को देखकर भीड़ कई बार बेकाबू भी हुयी। दर्शकों ने ईट-पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। जिससे सुरक्षा बलों को लाठी चार्ज करना पड़ा। इससे आधा दर्जन दर्शकों के घायल होने की भी सूचना है। व्याघ्रसर महोत्सव में बेकाबू हुयी भीड़ से अधिक परेशानी महिला दर्शकों को उठानी पड़ी। इधर, महोत्सव में आये मनोज तिवारी ने इटाढ़ी के बैरी में सात मार्च को आयोजित कार्यक्रम में आने का वायदा भी किया। किला मैदान में मंच पर आते ही भोजपुरी स्टार गायक ने देवी गीत से शुरूआत किया। जिसके बाद इंटरनेशनल लिट्टी चोखा, बगल वाली जान मारेली व ए चम्पा चमेली सहित कई गीत लोगों को सुनाया। जिससे उपस्थित लोग झूमने पर विवश हो गये। वहीं हम बिहारी दिल ह भोला भाला गीत पर श्रोता हाथ उठाकर कलाकार का उत्साह व‌र्द्वन करने लगे। साथ ही कल्लू, वर्षा तिवारी प्रतिभा सिंह सहित अन्य गायकों ने भी अपने गीतों से समारोह को लबरेज कर दिया। इस दौरान दिलीप सिंह, प्रेम चौबे व सुनील सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।